न्याय:कितना दूर-कितना पास

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यह रिपोर्ट एनएसएस के 76वें दौर (जुलाई - दिसम्बर 2018) के दौरान संचालित, भारत में दिव्यांगजनों के सर्वेक्षण पर आधारित है. दिव्यांगजनों के 76 वें दौर का सर्वेक्षण 8,992 एफएसयू (5,378 एफएसयू ग्रामीण क्षेत्रों में और 3,614 एफएसयू नगरीय क्षेत्रों में) फैला हुआ था, जिसमें 1,18,152 परिवार (81,004 ग्रामीण क्षेत्रों में और 37,148 नगरीय क्षेत्रों में) सम्मिलित थे, और इसमें 5,76,569 व्यक्तियों (4,02,589 ग्रामीण क्षेत्रों में और 1,73,980 नगरीय क्षेत्रों में) की परिगणना की गई. इस सर्वेक्षण में कुल 1,06,894 दिव्यांगजनों (74,946 ग्रामीण क्षेत्रों में और 31,948 नगरीय क्षेत्रों में) का सर्वे किया गया.

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी 76 वें दौर की एनएसएस रिपोर्ट संख्या 583: भारत में दिव्यांगजन, जुलाई 2018 से दिसंबर 2018 (नवंबर, 2019 में जारी) के प्रमुख निष्कर्ष (एक्सेस करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें) निम्नानुसार हैं:

दिव्यांगता की व्यापकता एवं आपतन:

• भारत में दिव्यांगता की व्यापकता (जनसंख्या में दिव्यांगजन का प्रतिशत) 2.2 प्रतिशत् था. यह ग्रामीण क्षेत्रों में 2.3 प्रतिशत् एवं शहरी क्षेत्रों में 2.0 प्रतिशत है.

• दिव्यांगता की व्यापकता पुरुषों में महिलाओं से अधिक थी. पुरुषों में दिव्यांगता की व्यापकता 2.4 प्रतिशत थी, जबकि महिलाओं में 1.9 प्रतिशत थी.

• जनसंख्या में दिव्यांगता का आपतन (उन दिव्यांगजनों की संख्या जिनमें दिव्यांगता जन्म से या किसी दूसरी वजह से थी) सर्वेक्षण की तारीख से पहले प्रति 1,00,000 व्यक्तियों में 86 था.

दिव्यांगजनों के बीच शिक्षा का स्तर

• 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के दिव्यांगजनों में 52.2 प्रतिशत साक्षर थे.

• 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 19.3 प्रतिशत दिव्यांगजनों का उच्चतम शैक्षिक स्तर माध्यमिक और उससे अधिक था.

• 3 से 35 वर्ष की आयु के दिव्यांगजनों में 10.1 प्रतिशत ने प्रीस्कूल इंटरवेंसन प्रोग्राम में भाग लिया था.

• 3 से 35 वर्ष की आयु के 62.9 प्रतिशत दिव्यांगजनों ने शिक्षा के लिए साधारण स्कूल में दाखिला लिया था.

• 3 से 35 वर्ष के दिव्यांगजन जो कि साधारण विद्यालयों में नहीं पढ़ रहे थे या साधारण विद्यालयों में दाखिल तो थे किन्तु वर्तमान में वहां पढ़ाई नहीं कर रहे थे, उनमे से 4.1 प्रतिशत विशेष विद्यालयों में दाखिल थे.

 रहन-सहन की व्यवस्था, देखभाल, सहायता/मदद प्राप्ती, दिव्यांगता प्रमाण पत्र:

• 3.7 प्रतिशत दिव्यांगजन अकेले ही रह रहे थे.

•  62.1 प्रतिशत दिव्यांगजनों के पास देखभाल करने वाला था, 0.3 प्रतिशत् दिव्यांगजन को देखभाल करने वालों की आवश्यकता थी किन्तु कोई उपलब्ध नहीं था और अन्य 37.7 प्रतिशत् दिव्यांगजन के लिए कोई भी देखभाल करने वालों की आवश्यकता नहीं थी.

•  21.8 प्रतिशत दिव्यांगजनों को सरकार से सहायता/मदद प्राप्त हुई, 1.8 प्रतिशत को सरकार के अलावा किसी अन्य संगठन से सहायता/मदद प्राप्त हुई और अन्य 76.4 प्रतिशत् दिव्यांगजनों को कोई सहायता/मदद प्राप्त नहीं हुई.

• 28.8 प्रतिशत दिव्यांगजनों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र था.

15 वर्ष एवं उससे अधिक उम के दिव्यांगजनों (पीएस + एसएस) में श्रम बल भागीदारी दर, कामगार जनसंख्या अनुपात एवं बेरोजगारी दर:

• 15 वर्ष एवं उससे अधिक उम्र के दिव्यांगजनों में सामान्यत (पीएस + एसएस) श्रमबल भागीदारी दर 23.8 प्रतिशत थी.

• 15 वर्ष एवं उससे अधिक उम्र के दिव्यांगजनों में सामान्यत (पीएस + एसएस) कामगार जनसंख्या अनुपात 22.8 प्रतिशत था.

• 15 वर्ष एवं उससे अधिक उम के दिव्यांगजनों में सामान्यत बेरोजगारी दर (पीएस + एसएस) 4.2 प्रतिशत थी.




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