SEARCH RESULT

Total Matching Records found : 14

कॉरपोरेट टैक्स दरों को घटाने के बावजूद भी कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए नियमित रूप से टैक्स छूट और प्रोत्साहन जारी

अक्सर यह मुख्यधारा के अर्थशास्त्रियों द्वारा तर्क दिया जाता है कि हर साल केंद्रीय बजट का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो जाता है क्योंकि सरकार खाद्य और उर्वरक सब्सिडी पर खर्च करती है. पूरे बजट के साथ-साथ सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के सापेक्ष इन दोनों सब्सिडी के डेटा का उपयोग अक्सर इस तर्क को बल देने के लिए किया जाता है कि आर्थिक के साथ ही साथ देश की पर्यावरणीय...

More »

नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने चेताया- बड़ी मंदी के छोर के नजदीक है भारत, मांग सबसे बड़ी समस्या

देश की डंवाडोल अर्थव्यवस्था के बीच अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने चेताया है कि भारत बड़ी मंदी के छोर के बेहद नजदीक है। 1991 के आर्थिक संकट से धीमी विकास दर की तुलना करते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विकास दर दुरुस्त करने के लिए मांग (डिमांड) को बढ़ावा देने पर हमें जोर देना होगा। ये बातें उन्होंने The Indian Express के ‘एक्सप्रेस अड्डा’ कार्यक्रम...

More »

कॉरपोरेट टैक्स में कमी का राजकोषीय घाटे पर मामूली असर होगा: नीति आयोग उपाध्यक्ष

मुंबई: नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बीते शनिवार को कहा कि सरकार की ओर से 1.45 लाख करोड़ रुपये की कर छूट देने के फैसले का राजकोषीय घाटे पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यहां कहा कि कंपनी कर में दी गई छूट से उच्च वृद्धि हासिल होगी और कर संग्रह बढ़ेगा जिससे नुकसान की भरपाई हो जाएगी. मालूम हो कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुस्ती से उबरने...

More »

ऊपरी तौर पर कॉरपोरेट टैक्स में कटौती फायदेमंद, पर अर्थव्यवस्था की असल समस्या मांग में कमी है-- टी. एन. नायनन

पिछली तमाम घोषणाएं जब आर्थिक वृद्धि दर की सुस्ती दूर करने का चमत्कार न कर पाईं तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने इसके लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया. पिछली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर सरकारी घोषणा के मुताबिक 5 फीसदी थी, और कई विशेषज्ञों का मानना है कि चालू तिमाही में यह और नीची रहेगी. कॉरपोरेट टैक्स को पुराने वादे के तहत 25 प्रतिशत पर लाकर वित्त मंत्री...

More »

'भारत' वाला बजट, इंडिया वाला नहीं-- संदीप बामजई

उपकार फिल्म का एक गाना है- मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरा मोती... आम बजट 2018-19 पूरी तरह से इस गाने के सच को पूरा करनेवाला लगता है. यह बजट कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाता है. यानी यह बजट 'भारत' को ज्यादा तरजीह देनेवाला बजट है, 'इंडिया' को कम. ग्रामीण भारत के लिए, गरीब परिवारों के स्वास्थ्य के लिए, राष्ट्रीय राजमार्गों के...

More »

Video Archives

Archives

share on Facebook
Twitter
RSS
Feedback
Read Later

Contact Form

Please enter security code
      Close