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आधार ने बचाये 90 हजार करोड़ रुपये : जेटली

नयी दिल्ली, 6 जनवरी (एजेंसी) वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि ‘आधार' की बचत से आयुष्मान भारत जैसी 3 योजनाएं चलाई जा सकती हैं। जेटली ने रविवार को फेसबुक पोस्ट में आधार के क्रियान्वयन की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अपने विरोधाभासों और अनिर्णय की वजह से इस पर अनमने तरीके से काम...

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समस्या की अनदेखी करते समाधान-- हिमांशु

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत ने कृषि संकट को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। इस चुनावी जीत के निश्चय ही कई कारक थे, लेकिन खेतिहरों की दुश्वारियां इन सबमें प्रमुख थीं। यह माना जाता है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी कृषि संकट को लेकर उदासीन रही है, बल्कि कुछ हद तक उसने इसे बढ़ाया ही है, लेकिन वास्तव में इस...

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45 परिवारों की जिंदगी झोपड़ी में, 55 वर्षों में न अनाज मिला

रामगढ़ शहर से 15 किलोमीटर दूर कुजू-घाटो मुख्य सड़क से उतरने पर बमुश्किल 200 मीटर दूर कुंदरिया बस्ती का मल्हार टोला़ इस टोले तक जाने के लिए पथरीली संकरी सड़क, जंगल के बीच एक ऊंचे टीले पर प्लास्टिक से बनी दर्जनों झोपड़िया़ं जंगल की सूखी झाड़ियों की घेराबंदी कर बांस-बल्ली में प्लास्टिक लगा कर लाेगाें ने 40 से 50 झोपड़ी बना लिये़ ये कोई खानाबदोश नहीं, बल्कि अपने झारखंड...

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क्या होने वाले हैं नोटबंदी जैसे हालात, रिपोर्ट में दी गई चेतावनी

रेगुलेटरी परिदृश्य में हो रहे बदलावों के चलते ATMs आॅपरेट करना नुकसानदेह साबित हो रहा है. इसके चलते मार्च 2019 तक देश में 2.38 लाख में से लगभग 50 फीसदी ATM बंद हो सकते हैं. यह चेतावनी कनफेडरेशन आॅफ ATM इंडस्ट्री (CATMi) ने दी है.   CATMi की ओर से बयान में कहा गया कि ATM बंद होने से हजारों नौकरियों पर तो प्रभाव पड़ेगा ही, साथ ही वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion)...

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ताकि वे अपनी पसंद से खरीदें अनाज- कार्तिक मुरलीधरन

सस्ते दामों पर राशन का सार्वजनिक वितरण (पीडीएस) भारत की प्रमुख खाद्य सुरक्षा योजना है, लेकिन यह कई जानी-पहचानी समस्याओं से घिरी है। सरकारी एजेंसियों का ही आकलन है कि पीडीएस पर सरकारी खर्च का एक बड़ा हिस्सा उचित लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता। इसके चलते, एक विकल्प सामने आया कि क्यों न इस सब्सिडी युक्त अनाज की जगह लाभार्थियों को (खाद्य पदार्थों पर खर्च करने के लिए) सीधा पैसे भेजे...

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